ये कुदरत भी करती है देखो कितने मोल भाव…

ये कुदरत भी करती है देखो कितने मोल भाव,
सुबह की जादूई रौशनी में भी करदी घनगोर घटाओ की इतनी सुन्दर छाव,
जिस तरह लडे थे पेशवा बाजी राव,
ना सीखा था करना करना इज्ज़त का मोल भाव,
बहा दी नादिया खून की ऐसा था बरताव,
करा था उन्होंने भी लाशों से मोल भाव,
गरीबो की मदद करना था उनका स्वभाव,
ये कुदरत भी करती है देखो कितने मोल भाव,
सुबह की जादूई रौशनी में भी करदी घनगोर घटाओ की इतनी सुन्दर छाव।

#विजय सिंह यादव

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