
#ये था मेरा जन्मदिन
लो बज गए सुबह के बारह, पलट गया एक और दिन कैलेंडर में, हुई तारिख बाइस अप्रेल की, हुआ में भी बाइस साल का, इस साल में जो हैं बदनसीब दो हज़ार बीस। शुरू हुई आनी बधाइयां जन्मदिन की व्हात्सप्प पर तो किसी ने दी फेसबुक पर, किसी की बधाइयां टेक्स्ट मैसज द्वारा आयी और न पढ़ने की वजह से मिले ताने की पढ़ा नहीं मैसेज मेरा दिया नहीं प्रतिउत्तर मुझे कोई। जन्मदिन की बधाइयां देने की शुरुआत करने में पांडेय जी सबसे आगे तो रहे कहाँ रहे पीछे मोटे भालू हमारे, खेला बाक़ी दिलो के टुकड़ों ने भी ये स्टेटस पर मेरी तस्वीर लगाने खेल लिखा सबने अच्छा अच्छा उनको लगता हूँ में एक सीधा बच्चा। कुछ की थी बधाइयां दिल को छू जाने वाली और कुछ की थी बस दो शब्दों की जैसे औपचारिकता का खेल निभाने वाली।एक भाई ने दी बधाइयां मुझे कहकर झालमूड़ी का दीवाना, तो एक ने दिखाई तस्वीर उपहार स्वरूप की किसका है वो दीवाना, एक भाई ने दिखाई मुझसे मिलने की भावना, पर कोरोना कहकर मार डाली उसकी भावना। शायद जाग रहा हूँ इंतज़ार में की आयेगी बधाई मेरे यार की, पर लगता है खत्म हुआ है नाता हुई नई शुरुआत मेरे यार की। चलो बजे सुबह के दो अब थोड़ा सो लेता हूँ, आयेगा ये बधाइयों का सैलाब सुबह भी थोड़ा ख़ुदको सपनो में खो लेता हूँ। लो हुई सुबह खिला खिला सा मौसम जिसमे खोया में दिखता हूँ। लो आने लगी बधाइयां उनकी जो सो रहे थे रात में, ऑन किया डाटा इंटरनेट की चहचहाने लगी चिड़िया मेरी फ़ोन की, मिली बधाइयां सभी दोस्त की या रूठे हुए मित्र की, आयी मेरे संकट मोचन की बधाई हुई बातें काफ़ी संगीत की, दी किसी ने बधाई गाना गा कर तो किसी ने सुंदर लिख कर। दी कुछ ऐसे लोगो ने भी बधाई जिनके आते नहीं है कभी संदेश मुझे। लगा अच्छा की कमसे कम कर तो लिए जन्मदिन के बहाने याद मुझे। अब रहेगा इंतज़ार शाम का देखो क्या होता है? खाने और खेलने को क्या मिलता हैं, वेसे दिन तो हैं ये बहुत खूबसूरत पृथ्वी दिवस के रूप में मनाया जाता है, मिले दोस्त भाई सब बिल्डिंग के, करी मस्ती लॉक डाउन वाली जम के, खिंची तस्वीरे अच्छी अच्छी, मौसम था खूबसूरत सही में सच्ची, आया कॉल यादव जी और प्रिय जनों का, करी मस्ती खूब कॉल पर ही ना था और कोई तरीका, अब होने लगा है अंधेरा लगता है रात होने वाली है, पर एक बात है जब आता है जन्मदिन तो ये दिन तुमको राजा बनाया जाता हैं, सब आते है बात करते हैं मिलते है जुलते हैं और जन्मदिन खत्म होते है अंजान बना कर चले जाते हैं अगले जन्मदिन तक। वेसे देखा जाये तो रात को जिनसे भी बात हुई बस पार्टी की फरियाद हुई, कोंन कैसे देगा, कहाँ देगा पार्टी इसी पर बात लगभग सारी रात हुई, अब हुआ समाप्ति की घोषणा जन्मदिन का काफी थकावट भरा ये दिन रहा और इसी के साथ अब रात हुई।
आप सब की बधाइयां मुझे अच्छी लगी सबका तहे दिल से शुक्रिया।
#विजय सिंह यादव