चंदा से कुछ सवाल…

#चंदा से कुछ सवाल...

क्या अपनी सुंदरता को इन बादलो के बीच से बिखेरना ज़रूरी हैं क्या?

क्या अपने जिस्म पर दाग जैसे दिखने वाली रेखाओं को दिखाना ज़रूरी है क्या?

क्या अपनी खूबसूरत रौशनी को इन बादलो की बनी जटाओं से गंगा के जल की तरह गिराना ज़रूरी है क्या?

क्या अपने आप को बचपन की पहेली “एक काली प्लेट में रसगुल्ला” की तरह दिखाना ज़रूरी हैं क्या?

क्या अपने आप को पूरा दिखने के लिए पूरे तीस दिन का इंतज़ार कराना जरूरी हैं क्या?

क्या अपने आप को इतना जगमगा कर हर जगह उजाला करना ज़रूरी हैं क्या?

क्या अब सबको तेरी सुन्दर तस्वीर लगा कर कुछ अच्छा कुछ बुरा लिखना ज़रूरी हैं क्या?

क्या तेरे इस आनंदमय नज़ारे में किसी खास को याद करना ज़रूरी हैं क्या?

क्या मेरे मन में तेरी बस एक तस्वीर देख कर इतने सवालो का आना ज़रूरी हैं क्या?

#विजय सिंह यादव

Leave a comment