
“मालूम नहीं”
मालूम नहीं
हो तुम सही हो या मैं
मालूम नहीं
हो तुम ग़लत या मैं
मालूम नहीं
हो तुम ग़म में या मैं
मालूम नहीं
हो तुम जशन में या मैं
मालूम नहीं
जीतोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
हारोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
हँसोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
रोओगे तुम या मैं
मालूम नहीं
खाओगे तुम या मैं
मालूम नहीं
भूखे रहोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
पढ़ोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
अनपढ़ तुम बनोगे या मैं
मालूम नहीं
मरोगे तुम या मैं
मालूम नहीं
जियोगे तुम या मैं
मालूम नहीं…
#विजय सिंह यादव