
“एक कुत्ते और इंसान के बीच वार्तालाप”
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
जो मै अच्छा हूँ तो मेरे साथ बुरा क्यों करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
जो अगर तुम हो अच्छे तो तुम सब एक-दूसरे के साथ खुश होने का दिखावा क्यों करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
तुम कही न कही मुझसे घृणा करते हो तभी
मुझको तुम पत्थरो से मार कर भागा करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
जो मै तुम्हे काट लूँ तो मुझे पागल बता के लाठी डंडे से प्रताड़ित किया करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
मैं भूलता नहीं जब तुम मेरे जैसे को फांसी भी लगाया करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
तुम ये सोचते नहीं हो की दम मेरा भी घुटता होगा बच्चा मेरा भी किसी गाड़ी के नीचे छुपकर मुझे ऐसे मरता देख डरता और रोता होगा,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
बोलते हो वफ़ादार बहुत हूँ मै तो क्यों तुम मुझे अकेला प्लास्टिक की एक बोतल के साथ खेलने पर मजबूर करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
तुम कहते हो मेरे बच्चे कितने प्यारे है शायद इसी लिए भगवन सात-सात को एक दिन में भूखा रख कर अपने पास बुलाते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
होली में गुब्बारों और दिवाली में पटाखों से मुझे पल पल मारा करते हो,
तुम मेरे साथ ऐसा क्यों करते हो?
मुझे पालते है प्यार से वो जिनकी औलाद नहीं होती है तभी तो खाना रोज खिलते है दिवाली हो या होली का त्यौहार शायद उनके ऐसे करने से ही ख़ुशी मिलती हो,
#विजय सिंह यादव✍️