
हुआ बड़े दिनों के बाद पर अच्छा हैं,
ये नीला आसमान बटा हुआ है तीन रंग में,
डरावने काले, शांत सफ़ेद और केसरी रंग में,
धरती के एक छोर से निकलता हुआ इंद्रधनुष भी दिखता है अपने सातों रंग में,
उड़ते तोते का झुंड बताता है
की जीवन कितना रंगीन है इस ढंग में,
घनघोर काली घटाओ को चीरती हुई बिजलिया
बताती हैं की कोई रोक नहीं सकता हमको इस ढंग में,
वो बचपन की यादें ताज़ा करती है शगुन जो खेलती हैं इस मौसम में अंडे वाली बॉल से अपने रंग में,
इन खतरनाक हवाओ से जूझती हुई दिखती है रंग बिरंगी पतंगे रंग बिरंगे गगन में,
लो बस अब खत्म हुआ इंतज़ार अब शुरू हुई वर्षा भी अपने मद्धम मद्धम रंग में,
आने लगी वो खुशबू जो उठे बदलो की बूंदों और धरती की मिटटी के संग में,
हुई थोड़ी सी वर्षा और वातावरण कर गयी साफ़ अपने रंग में…
हुआ बड़े दिनों के बाद पर अच्छा हैं।
#विजय सिंह यादव


